प्रतिकूलताओं के सिर पर पैर रख के कदम बढ़ाओ...
– पूज्य बापूजी
यही बच्चे फिर दुनिया को हिलानेवाले बनेंगे और भगवान को पानेवाले | दुनिया किससे हिलती है ? जो निस्वार्थी है, जो योगी है, जो परोपकारी है वो दुनिया को हिला देता है | भगवान को कौन पाता है ? जो भगवान को चाहता है वो भगवान को पाता है
सदैव सम एवं प्रसन्न रहना ईश्वर की सर्वोपरि भक्ति है |